इन 5 बातों को जानकर आप आज से ही नॉन-वेज खाना छोड़ देंगे !

आप भले ही कितने भी सभ्य और समझदार क्यूँ ना बन जाओ, लेकिन भूख सबकी एकमात्र ऐसी कमजोरी है जो हर प्रकार के बंधनों को तोड़ सकती है. आज के समय में मार्किट में तरह तरह के लजीज पकवान मिलते हैं जिनके बारे में सोच कर ही मुंह में पानी सा आ जाता है. वहीँ बात अगर नॉन-वेज
खाने की करें तो इसके स्वाद की जितनी तारीफ़ की जाए, उतनी कम लगती है. यदि आप भी नॉन-वेज भोजन के शौक़ीन हैं तो यह ख़ास लेख केवल आपके लिए है. क्या आपने कभी सोचा है कि आप जो मांस खा रहे हैं, वह आपके लिए हेल्थी है भी या नही? दरअसल, ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो खाने में जितनी अधिक टेस्टी होती हैं, उतनी ही शरीर के लिए नुकसानदायक भी होती हैं. वहीँ बात अगर नॉन-वेज फ़ूड की करें तो यह ना तो सेहत के लिए अच्छा है और ना ही इसे खाने के लिए हमारी संस्कृति हमे इज़ाज़त देती है.

आज हम आपको वैज्ञानिक और धार्मिक दृष्टि से ऐसे कुछ विशेष तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें जान कर आप आज से ही मांस-मच्छी खाना छोड़ देंगे. तो चलिए जानते हैं आखिर क्यों नही खाना चाहिए नॉन-वेज भोजन.

धर्म शास्त्र है नॉन वेज के खिलाफ
इस धरती पर भगवान ने यदि मनुष्यों को जन्म दिया है तो वहीँ छोटे मोटे कईं जीव हैं जो भगवान की ही देन हैं. ऐसे में हिंदू धर्म ग्रंथों और शास्त्रों में एक जीव को दुसरे जीव की हत्या करना सख्त मना है. माँसाहारी पकवान बनाने के लिए हर रोज़ ना जाने कितने मासूम और बेजुबान जानवरों को मौत की बलि चढाया जाता है. जिन्हें मरना महापाप है. इसलिए यदि आप धर्म ग्रंथों को अहम मानते हैं तो नॉन-वेज भोजन आपके लिए श्राप से कम नहीं है.
भगवत गीता भी देती है मांसाहारी भोजन ना खाने के संकेत यदि आप हिंदू हैं तो अपने श्रीमद् भगवत गीता के बारे में आवश्य ही सुना होगा या फिर खुद इस पवित्र गीता को पढ़ा होगा. भगवत गीता के अनुसार माँसाहारी भोजन इंसानों का नहीं बल्कि राक्षसों का भोजन है. भगवत गीता के अनुसार मांस और मदिरा जैसी तमाम चीजें तामसिक भोजन हैं और ऐसे भोजन का सेवन करने वाले सभी मनुष्य कुकर्मी, आलसी, रोगी एवं दुखी रहते हैं.

सनातन संस्कृति में गौमांस है पाप
जहाँ हमारे भारत देश में गाय की तुलना देवी माँ से की जाती है. वहीँ कुछ पापी लोग गौमांस खाना पसंद करते हैं. हिंदू धर्म ग्रंथ के अनुसार गायक दूध, मूत्र एवं घी तीनों ही आयुर्वेदिक उपचारी दवाएं हैं. ऐसे में जो व्यक्ति गौमांस खाता है, उसके शरीर में कभी भी पापों का समावेश नही हो पाता और वह जिंदगी भर नर्क भोगता है.

सेहत के लिए है घातक
वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो मांस में भरपूर प्रोटीन और फैट पाई जाती है जोकि शरीर को रोगी बना देते हैं. मांसहारी लोगों को हार्ट अटैक, यबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर, गठिया, अल्सर आदि जैसी बीमारियाँ हो सकती है. इसके इलावा कईं बार यह रोग आपकी जान भी ले सकते हैं.

बर्ड फ़्लू और स्वाइन फ्लू का खतरा
शाकाहारी लोगों की तुलना में माँसाहारी लोग बर्ड फ्लू और स्वाइन फ्लू जैसी जानलेवा बिमारियों से ग्रसित होते हैं. आम तौर पर यह बीमारियाँ मुर्गी एवं सूअर के मांस को खाने से फैलती हैं. ऐसे में यदि आप खुद को फिट एवं तंदरुस्त रखना चाहते हैं तो आज से ही मांस का परहेज करना शुरू कर दें.

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